भारतीय विदेश नीति : भूमंडलीकरण के दौर में / राजेश मिश्रा
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TextLanguage: English Publication details: तेलंगाना : ओरिएंट ब्लैकस्वान, 2025.ISBN: - 9789354421754
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Global Library New Arrivals January 2026
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Competitive Exams
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OPJGU Sonepat- Campus | Special Collection - Competitive Exams | Main Library | 320.954 MI-B (Browse shelf(Opens below)) | Available | 157724 |
विदेश नीति निरंतर परिवर्तन की प्रक्रिया का पर्याय है। चीन की विस्तारवादी नीति के कारण चीन और अमेरिका के बीच एक नए शीत युद्ध जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है। सोवियत संघ के विघटन के बाद कई छोटे यूरोपीय देशों ने आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की है। आज के समय में व्यापार और निवेश सभी देशों की विदेश नीति के प्रमुख लक्ष्य बन गए हैं। चीनी नौसेना को विश्व की सबसे बड़ी नौसैनिक शक्ति माना जाता है, और उसकी सैन्य शक्ति ने चीन के आर्थिक प्रभुत्व को भी बढ़ाया है। महामारी संकट ने दुनिया को यह चेतावनी दी है कि तानाशाही व्यवस्थाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता की कमी वैश्विक स्तर पर खतरा बन सकती है।
इन सभी समकालीन मुद्दों पर इस पुस्तक के चौथे संस्करण में विस्तार से चर्चा की गई है। “भारतीय विदेश नीति: भूमंडलीकरण के दौर में” विशेष रूप से UPSC की सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के राजनीति विज्ञान प्रश्नपत्र तथा राज्य लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं के लिए तैयार की गई है। हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
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